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卷十八

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止,止則有禍,邑人宋大賢以正道自處,嘗宿亭樓,夜坐鼓琴,不設兵仗,至夜半時,忽有鬼來登梯,與大賢語,●目,磋齒,形貌可惡。

    大賢鼓琴如故。

    鬼乃去。

    于市中取死人頭來,還語大賢曰:“甯可少睡耶?”因以死人頭投大賢前。

    大賢曰:“甚佳!我暮卧無枕,正欲得此。

    ”鬼複去。

    良久乃還,曰:“甯可共手搏耶?”大賢曰:“善!”語未竟,鬼在前,大賢便逆捉其腰。

    鬼但急言死。

    大賢遂殺之。

    明日視之,乃老狐也。

    自是亭舍更無妖怪。

     北部督郵西平到伯夷,年三十許,大有才決,長沙太守到若章孫也,日晡時,到亭,敕前導人且止。

    錄事掾曰:“今尚早,可至前亭。

    ”曰:“欲作文書。

    ”便留,吏卒惶怖,言當解去。

    傳雲:“督郵欲于樓上觀望,亟掃除。

    ”須臾,便上。

    未暝,樓镫階下,複有火敕雲:“我思道,不可見火,滅去。

    ”吏知必有變,當用赴照,但藏置壺中。

    日既暝,整服坐,誦六甲、孝經、易本訖,卧。

    有頃,更轉東首,以拏巾結兩足帻冠之,密拔劍解帶。

    夜時,有正黑者四五尺,稍高,走至柱屋,因覆伯夷伯夷持被掩之,足跣脫,幾失,再三以劍帶擊魅腳,呼下火照上。

    視之,老狐,正赤,略無衣毛。

    持下燒殺。

    明旦,發樓屋,得所髡人髻百餘。

    因此遂絕。

     吳中有一書生,皓首,稱胡博士,教授諸生。

    忽複不見。

    九月初九日,士人相與登山遊觀,聞講書聲;命仆尋之,見空冢中群狐羅列,見人即走,老狐獨不去,乃是皓首書生。

     陳郡謝鲲,謝病去職,避地于豫章,嘗行經空亭中,夜宿。

    此亭,舊每殺人,夜四更,有一黃衣人呼鲲字雲:“幼輿!可開戶。

    ”鲲澹然無懼色,令申臂于窗中。

    于是授腕。

    鲲即極力而牽之。

    其臂遂脫。

    乃還去。

    明日看,乃鹿臂也。

    尋血取獲。

    爾後此亭無複妖怪。

    晉有一士人姓王,家在吳郡,還至曲阿,日暮,引船上,當大埭,見埭上有一女子,年十七八,便呼之,留宿。

    至曉,解金鈴系其臂,使人随至家,都無女人。

    因逼豬欄中,見母豬臂有金鈴。

     漢,齊人梁文,好道,其家有神祠,建室三四間,座上施皁帳,常在其中,積十數年,後因祀事,帳中忽有人語,自呼高山君,大能飲食,治病有驗。

    文奉事甚肅。

    積數年,得進其帳中,神醉,文乃乞得奉見顔色。

    謂文曰:“授手來!”文納手,得持其頤,髯須甚長;文漸繞手,卒然引之,而聞作羊聲。

    座中驚起,助文引之,乃袁公路家羊也,失之七八年,不知所在。

    殺之,乃絕。

     北平田琰,居母喪,恒處廬向。

    一暮夜,忽入婦室,密怪之曰:“君在毀滅之地,幸可不甘。

    ”琰不聽而合。

    後琰暫入,不與婦語。

    婦怪無言,幷以前事責之。

    琰知鬼魅。

    臨暮,竟未眠,衰服挂廬。

    須臾,見一白狗,撄廬銜衰服,因變為人,着而入。

    琰随後逐之,見犬将升婦床,便打殺之、婦羞愧而死。

     司空南陽來季德,停喪在殡,忽然見形坐祭床上,顔色服飾聲氣,熟是也,孫兒婦女,以次教戒,事有條貫。

    鞭樸奴婢,皆得其過。

    飲食既絕,辭訣而去。

    家人大小,哀割斷絕。

    如是數年。

    家益厭苦。

    其後飲酒過多,醉而形露,但得老狗。

    便共打殺。

    因推問之,則裡中沽酒家狗也。

     山陽王瑚。

    字孟琏,為東海蘭陵尉,夜半時。

    辄有黑帻白單衣吏,詣縣,叩閣。

    迎之,則忽然不見。

    如是數年。

    後伺之,見一老狗,白軀猶故,至閣,便為人。

    以白孟琏,殺之,乃絕。

     桂陽太守李叔堅,為從事,家有犬,人行。

    家人言:“當殺之。

    ”叔堅曰:“犬馬喻君子。

    犬見人行,效之,何傷!”頃之,狗戴叔堅冠走。

    家大驚。

    叔堅雲:“誤觸冠纓挂之耳。

    ”狗又于竈前畜火。

    家益怔營。

    叔堅複雲:“兒婢皆在田中,狗助畜火,幸可不煩鄰裡。

    此有何惡。

    ”數日,狗自暴死。

    卒無纖芥之異。

     吳郡無錫有上湖大陂,陂吏丁初天,每大雨,辄循堤防。

    春盛雨,初出行塘,日暮回顧,有一婦人,上下青衣,戴青傘,追後呼:“初掾待我。

    ”初時怅然,意欲留俟之。

    複疑本不見此,今忽有婦人,冒陰雨行,恐必鬼物。

    初便疾走。

    顧視婦人,追之亦急。

    初因急行,走之轉遠;顧視婦人,乃自投陂中,泛然作聲,衣蓋飛散。

    視之,是大蒼獺,衣傘皆荷葉也。

    此獺化為人形,數媚年少者也。

     魏齊王芳正始中,中山王周南,為襄邑長,忽有鼠從穴出,在廳事上語曰:“王周南!爾以某月某日當死。

    周南急往,不應。

    鼠還穴。

    後至期,複出,更冠帻皁衣而語曰:“周南!爾日中當死。

    ”亦不應。

    鼠複入穴。

    須臾,複出,出,複入,轉行,數語如前。

    日适中。

    鼠複曰:“周南!爾不應死,我複何道!”言訖,颠蹶而死。

    即失衣冠所在。

    就視之,與常鼠無異。

     安陽城南有一亭,夜不可宿;宿,辄殺人。

    書生明術數,乃過宿之,亭民曰:“此不可宿。

    前後宿此,未有活者。

    ”書生曰:“無苦也。

    吾自能諧。

    ”遂住廨舍。

    乃端坐,誦書。

    良久乃休。

    夜半後,有一人,着皁單衣,來,往戶外,呼亭主。

    亭主應諾。

    “見亭中有人耶?”答曰:“向者有一書生在此讀書。

    适休,似未寝。

    ”乃喑嗟而去,須臾,複有一人,冠赤帻者,呼亭主。

    問答如前。

    複喑嗟而去。

    既去,寂然。

    書生知無來者,即起,詣向者呼處,效呼亭主。

    亭主亦應諾。

    複雲:“亭中有人耶?”亭主答如前。

    乃問曰:“向黑衣來者誰?”曰:“北舍母豬也。

    ”又曰:“冠赤帻來者誰?”曰:“西舍老雄雞父也。

    ”曰:“汝複誰耶?”曰:“我是老蠍也。

    ”于是書生密便誦書。

    至明不敢寐。

    天明,亭民來視,驚曰:“君何得獨活?”書生曰:“促索劍來,吾與卿取魅:”乃握劍至昨夜應處,果得老蠍,大如琵琶,毒長數尺。

    西舍,得老雄雞父;北舍,得老母豬,凡殺三物,亭毒遂靜,永無災橫。

     吳時,廬陵郡都亭重屋中,常有鬼魅,宿者辄死。

    自後使官,莫敢入亭止宿。

    時丹陽人湯應者,大有膽武,使至廬陵,便止亭宿。

    吏啟不可。

    應不聽。

    迸從者還外,惟持一大刀,獨處亭中。

    至三更。

    竟忽聞有叩閣者。

    應遙問是誰?答雲:“部郡相聞。

    ”應使進。

    緻詞而去。

    頃間,複有叩閣者如前,曰:“府君相聞。

    ”應複使進。

    身着皂衣。

    去後,應謂是人,了無疑也。

    旋又有叩閣者,雲:“部郡府君相詣。

    ”應乃疑曰:“此夜非時,又部郡府君不應同行。

    ”知是鬼魅。

    因持刀迎之。

    見二人皆盛衣服,俱進,坐畢,府君者便與應談。

    談未竟,而部郡忽起至應背後,應乃回顧,以刀逆擊,中之。

    府君下坐走出。

    應急追至亭後牆下,及之,斫傷數下,應乃還卧。

    達曙,将人往尋,見有血迹,皆得之雲。

    稱府君者,是一老狶也;部郡者,是一老狸也。

    自是遂絕。

     ———————————— 【譯文】 曹魏景初年間(公元237年—239年),鹹陽縣縣吏王臣家裡出現了怪事,無緣無故地會聽見拍手和呼喊的聲音,留神查看卻看不見什麼。

    他母親夜裡幹累了,就靠在枕頭上睡覺。

    一會兒,便又聽見竈下有喊聲說:“文約,你為什麼不來?”他母親頭下的枕頭回答說;“我被枕住了,不能到你那邊去。

    你可以到我這兒來喝水。

    ”到天亮一看,原來是飯勺。

    王臣就把它們放在一起燒掉了,他家裡的怪事從此就沒有了。

     魏郡有個叫張奮的人,家裡本來極其富裕,忽然之間卻變得衰老了,财産也散失了,于是就把房屋賣給了程應。

    程應搬進去居住,全家都生病,所以又把房屋轉賣給鄰居何文。

    何文先獨自拿了大刀,在傍晚進入北面的堂屋中,躲在梁上。

    到三更将盡,忽然有一個人,高一丈多,戴着高帽子,穿着黃衣服,登堂喊道:“細腰。

    ”那細腰答應了一聲。

    那人又說:“屋裡為什麼有活人的氣味?”細腰回答說:“沒有呀。

    ”這個穿黃衣服的人就走了。

    一會兒,有一個戴高帽子穿青衣服的,再接下來有一個戴高帽子穿白衣服的,他們和細腰的問話答話都與前者一樣。

    到快要天亮的時候,何文就從梁上跳下,站在堂中,象剛才那三個人一樣呼喚細腰,問道:“穿黃衣服的是誰?”細腰回答說:“是黃金。

    他在堂屋的西牆下。

    
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